कोरोना वायरस के कहर से दुनिया के अधिकांश देश बेहाल चल रहे हैं, और भारत भी अब इससे अछूता नहीं रह गया है। यूरोप में जहां हालात भयावह हैं, वहीं भारत में भी इस वायरस के चलते कई राज्यों में लॉकडाउन करना पड़ा है। इस वायरस के चलते पूरी दुनिया थम-सी गई हैं, लेकिन परेशान करने वाली खबरें जरूर आ रही हैं। दुनिया में 50 लाख से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं और 3.25 लाख से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। भारत में संक्रमितों की 1.16 लाख से ज्यादा हो चुकी है। वहीं, अमेरिका में संक्रमितों की संख्या 15.90 लाख के आंकड़े को पार कर गई है।
कोरोना वायरस से जुड़ी खबरों और ताजातरीन अपडेट्स के बारे में जानने के लिए हमारे साथ बने रहें:
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Three Pakistan terrorists killed as Army foils major infiltration bid along LoC in J-K's Rajouri Image Source : PTI
जम्मू: सेना ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास घुसपैठ की एक कोशिश को नाकाम करते हुए तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को ढेर कर दिया। ये आतंकवादी हथियारों से लैस थे। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की तरफ से आतंकवादियों ने 28 मई को नौशेरा के कलाल क्षेत्र में घुसने की कोशिश की थी लेकिन वे घुसपैठ निरोधी अभियान में मारे गए।
उन्होंने बताया कि तलाश दल ने सोमवार सुबह तीनों आतंकवादियों के शव को ढूंढ लिया लेकिन दुश्मन की चौकी नजदीक होने की वजह से वह शवों को कब्जे में नहीं ले पाए। अधिकारियों ने बताया कि अभियान में दो एके असॉल्ट राइफल, 13 कारतूस, अमेरिका निर्मित एक एम-16 ए2 राइफल, छह कारतूस, चीन निर्मित एक 9-एमएम का पिस्तौल, एक अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (यूबीजीएल), छह ग्रेनेड, पांच हथगोले, दो चाकू और भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद किये गये। उन्होंने बताया कि इसके अलावा वहां से भारी मात्रा में खाद्य पदार्थ, दवाइयां और 17,000 रुपये बरामद किये गए।
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Violent clashes erupted outside the White House in the wake of the death of George Floyd Image Source : AP
वाशिंगटन: अमेरिका में अफ्रीकी मूल के अमेरिकी नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत को लेकर व्हाइट हाउस के बाहर पुलिस और सैन्यकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। हालात इस तरह बिगड़ गए की व्हाइट हाउस के बाहर आंसू गैस के गोल तक छोड़ने पड़े है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने हिंसक हो रहे हालात पर कहा कि मैंने आज हर गवर्नर को सड़कों पर पर्याप्त संख्या में नेशनल गार्ड तैनात करने की पुरजोर सिफारिश की है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि कोई सिटी या स्टेट अपने निवासियों के जीवन और संपत्ति की रक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करने से इनकार करता है, तो मैं वहां अमेरिका की सेना को तैनात करूंगा और लोगों की समस्या का शीघ्र समाधान करूंगा। उन्होनें कहा कि वाशिंगटन डीसी में कल रात जो हुआ वह एक अपमान जैसा था। मैं दंगों में लूटपाट, बर्बरता, हमले और संपत्ति के नुकसान को रोकने के लिए हजारों की संख्या में सशस्त्र सैनिकों, सैन्य कर्मियों और कानून प्रवर्तन अधिकारियों तैनात करूंगा।
अमेरिका में कई दिनों से जारी हिंसा में अब तक कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है, हजारों लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और करीब 40 शहरों में कर्फ्यू लगाया गया है जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस के बंकर में शरण लेनी पड़ी है।
अमेरिका में पिछले कई दशकों में अब तक के सबसे बड़ी नागरिक अशांति माने जा रहे ये हिंसक प्रदर्शन फ्लॉयड की मौत के बाद अमेरिका में कम से कम 140 शहरों तक फैल गए हैं। कुछ प्रदर्शनों के हिंसक रूप ले लेने के बाद कम से कम 20 राज्यों में नेशनल गार्ड के सैनिकों की तैनाती कर दी गई है। वाशिंगटन पोस्ट ने खबर दी, “देश के कई हिस्सों में प्रदर्शनों के उपद्रव का रूप ले लेने के बाद कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई।”
खबर में बताया गया कि पुलिस ने सप्ताहांत में दो दर्जन अमेरिकी शहरों से कम से कम 2,564 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 20 प्रतिशत गिरफ्तारी लॉस एंजिलिस में हुई हैं। यह अशांति शुरुआत में मिनेसोटा के मिनीपोलिस से शुरू हुई थी लेकिन अब पूरे देश में फैल चुकी है जहां लॉस एंजिलिस, शिकागो, न्यूयॉर्क, ह्यूस्टन, फिलेडेल्फिया और वाशिंगटन डीसी समेत बड़े शहरों से हिंसा की खबरें आ रही हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर में कहा गया, “अमेरिका में पुलिस के हाथों एक और अश्वेत व्यक्ति की हत्या के बाद से राष्ट्रव्यापी अशांति के छठे दिन रविवार को भी भावनाओं, आक्रोश और जारी हिंसा की विस्फोटक स्थिति बनी हुई है।”
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Thunderstorm with rain and gusty winds would occur during the next two hours, says IMD Image Source : GOOGLE
नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को सुबह चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले दो घंटों के दौरान तेज हवाओं के साथ धूल भरी हवा और बारिश के साथ तेज आंधी आएगी। उल्लेखनीय है कि दक्षिण पश्चिम मानसून 1 जून को केरल पहुंच चुका है और इसके साथ ही देश में चार महीने तक चलने वाला बारिश का मौसम शुरू हो चुका है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि हरियाणा के करनाल, पानीपत और सोनीपत में और उत्तर प्रदेश के शामली, बागपत, गाजियाबाद, मोदीनगर, मेरठ के साथ ही साथ दिल्ली के कुछ स्थानों पर अगले दो घंटों के दौरान तेज धूल भरी हवाओं के साथ आंधी आने और बारिश होने की संभावना है।
Thunderstorm with rain and gusty winds of 20-40 kmph speed would occur over and adjoining areas of Karnal, Sonipat, Panipat in Haryana and Shamli, Baghpat, Ghaziabad, Modinagar, Meerut in UP and many places of Delhi during the next two hours: India Meteorological Department pic.twitter.com/D3AWhmhNJ5
अरब सागर में चक्रवाती गतिविधियों के कारण अनेक स्थानों में बारिश होने से सोमवार को देश के बड़े हिस्से में तापमान सामान्य से कम रहा। दक्षिण पश्चिमी मॉनसून अपने नियत समय पर सोमवार को केरल पहुंच गया और इसी के साथ चार माह तक चलने वाले बरसात के मौसम की शुरुआत हो गई। पश्चिमी विक्षोभ के चलते पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कहीं कहीं वर्षा हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि अगले पांच दिनों में देश में लू चलने की कोई संभावना नहीं है।
राष्ट्रीय राजधानी में आंशिक रूप से बादल छाए रहे और अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। देश में वर्धा (विदर्भ) में सबसे अधिक तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो रविवार को मध्य प्रदेश के खरगोन में 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए गए तापमान से एक डिग्री कम था।
आईएमडी ने कहा कि उत्तर भारत में सामान्य से अधिक मानसून की वर्षा होने की संभावना है, वहां मध्य भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप में सामान्य वर्षा होगी। हालांकि, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में देश के अन्य हिस्सों की तुलना में कम बारिश होने की संभावना है। केरल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई खासतौर पर कोझिकोड के वातकारा में।
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नई दिल्ली/श्रीनगर. कश्मीर के लिए पाकिस्तान के नए आतंकी समूह 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (टीआरएफ) ने गैर-कश्मीरियों को अधिवास (डोमिसाइल) कानून के तहत केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में बसने की कोशिश करने पर जान से मारने की धमकी दी है। टीआरएफ को प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही मोर्चा कहा जाता है। इसने ऑनलाइन मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर अपने चैनलों के माध्यम से जारी किए गए एक बयान में खुले तौर पर यह धमकी दी है।
टीआरएफ ने धमकी देते हुए कहा, "कोई भी 'भारतीय' जो कश्मीर में बसने के इरादे से आएगा, वह एक नागरिक के तौर पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक एजेंट के रूप में माना जाएगा और उससे ठीक ढंग से निपटा जाएगा।" आतंकी संगठन की ओर से उसके लेटरहेड पर जारी यह धमकी केंद्र सरकार द्वारा जम्मू एवं कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के लिए एक नए अधिवास कानून पेश किए जाने के कुछ हफ्तों बाद दी गई है।
नए कानून के तहत, जम्मू-कश्मीर में 15 साल से रहने वाला कोई व्यक्ति या सात साल तक पढ़ाई करने वाला तथा केंद्र शासित प्रदेश में स्थित किसी शैक्षणिक संस्थान से कक्षा 10 और कक्षा 12 की परीक्षाओं में शामिल होने वाला व्यक्ति अधिवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकता है। इस प्रक्रिया के बाद वह केंद्र शासित प्रदेश का निवासी कहलाएगा। कानून आतंकवाद के कारण विस्थापित हुए और जम्मू-कश्मीर में राहत एवं पुनर्वास आयुक्त (प्रवासी) के यहां पंजीकृत सभी लोगों को भी अधिवास अधिकार प्रदान करता है।
टीआरएफ ने सोमवार को अपने बयान में आरोप लगाया कि नया अधिवास कानून राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कश्मीर की जनसांख्यिकी को बदलने की एक साजिश है, जिसके तहत 'आरएसएस के फासीवादियों को नागरिक कवर की आड़ में कश्मीर में बसाया जाएगा।'
आतंकी समूह ने कहा कि हालांकि वह इस्लाम के सिद्धांतों का पालन करता है और किसी भी परिस्थिति में किसी भी जाति, धर्म या नस्ल के गैर-लड़ाकू/नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचाता है, लेकिन वह आरएसएस-भाजपा की साजिशों के ढकोसले में नहीं आएगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ इस मुद्दे पर विभिन्न तरह की बयानबाजी करते हुए लगातार सोशल मीडिया पर अभियान चला रहे हैं।
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Paddy Cotton Tur Moong Maize Groundnut Soybean Urad MSP for 2020-21 Image Source : AGRICULTURE MINISTRY
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोमवार को सभी खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की घोषणा की है। कृषि लागत और मूल्य आयोग ने फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाने के लिए जो सिफारिश की थी उसे सोमवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिली है और धान, कपास, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, तुअर, उड़द, मूंग, ज्वार, बाजरा और रागी जैसी सबी प्रमुख खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य को बढ़ा दिया गया है।
धान के समर्थन मूल्य में 53 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है और अब ए ग्रेड धान का समर्थन मूल्य बढ़कर 1888 रुपए तथा सामान्य धान का 1868 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। इसी तरह मक्का का समर्थन मूल्य बढ़कर 1850 रुपए, ज्वार का बढ़कर 2640 रुपए, बाजरा का बढ़कर 2150 रुपए और रागी का समर्थन मूल्य बढ़कर 3295 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है।
Paddy Cotton Tur Moong Maize Groundnut Soybean Urad and all other Kharif crops MSP for 2020-21
दलहन फसलों की बात करें तो उनके समर्थन मूल्य में भी जोरदार बढ़ोतरी हुई है, अब तुअर का मूल्य बढ़कर 6000 रुपए प्रति क्विंटल, मूंग का बढ़कर 7196 रुपए और उड़द का समर्थन मूल्य बढ़कर 6000 रुपे प्रति क्विंटल हो गया है।
तिलहन फसलों की बात करें तो उनके समर्तन मूल्य में भी वृद्दि की गई है, अब सोयाबीन का समर्तन मूल्य बड़कर 3880 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है जबकि मू्ंगफली का 5275 रुपए, सूरजमुखी का 5885 रुपए और तिल का समर्थन मूल्य बढ़कर 6855 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
कपास किसानों के लिए बी अच्छी खबर है, मीडियम स्टेपल कपास का समर्थन मूल्य बढ़कर 5515 रुपए हो गया है और लॉन्ग स्टेपल कपास का बढ़कर 5825 रुपए प्रति क्विंटल हुआ है। खरीफ फसलों का समर्थन मूल्य घोषित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा है कि फसल को पैदा करने में किसान की जो लागत बैठी है, समर्थन मूल्य उस लागत से 50 प्रतिशत से लेकर 83 प्रतिशत तक ज्यादा है।
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सुरक्षा शोधकर्ताओं ने पाया है कि मोबाइल भुगतान ऐप BHIM के यूजर्स से जुड़े लगभग 72.6 लाख रिकॉर्ड को एक वेबसाइट द्वारा जनता के सामने उजागर कर दिया गया था। VPN रिव्यू वेबसाइट vpnMentor की रिपोर्ट में कहा गया है कि उजागर किए गए डेटा में कई संवेदनशील जानकारी जैसे नाम, जन्मतिथि, उम्र, लिंग, घर का पता, जाति की स्थिति और आधार कार्ड का विवरण आदि जैसी शामिल हैं।
रविवार को एक ब्लॉग पोस्ट में vpnMentor के सुरक्षा शोधकर्ताओं ने लिखा, "उजागर किए गए डेटा का पैमाना असाधारण है। यह पूरे भारत में लाखों लोगों को प्रभावित करता सकता है। इसका फायदा उठाकर हैकर्स और साइबर अपराधियों द्वारा विनाशकारी धोखाधड़ी, चोरी, और हमले को भी अंजाम दिया जा सकता है।"
शोधकर्ताओं ने डेवलपर्स से दो बार संपर्क कर जानकारी दी
हालांकि इस खामी पर उस समय काबू पाया गया जब शोधकर्ताओं ने भारत के कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी-इन) को एक महीने में दो बार संपर्क कर इसकी जानकारी दी। जिसकी बाद पिछले महीने यह उल्लंघन बंद कर दिया गया था। BHIM वेबसाइट को CSC ई-गवर्नेंस सर्विसेज लिमिटेड नामक कंपनी ने भारत सरकार के साथ साझेदारी में डेवलप किया है।
शोधकर्ताओं ने कहा, "इस मामले में, डेटा एक असुरक्षित अमेज़न वेब सर्विसेस (AWS) S3 बकेट में स्टोर किया गया था। शोधकर्ताओं ने कहा कि S3 बकेट दुनिया भर में क्लाउड स्टोरेज का एक लोकप्रिय रूप है, लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल स्थापित करने के लिए डेवलपर्स को उनके अकाउंट की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि "हम वेबसाइट डेवलपर्स के पास उनकी S3 बकेट में गलत कॉन्फ़िगरेशन की सूचना देने और अपनी सहायता प्रदान करने के लिए पहुंचे। जवाब न मिलने के बाद हमने भारत की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) से संपर्क किया, जो देश में साइबर सिक्योरिटी से संबंधित है, "।
उजागर किया गया डेटा 409GB का था
vpnMentor के नोआम रोटेम और रान लोकार की अगुवाई में किए गए शोध में सामने आया कि CSC ने देशभर में BHIM उपयोग को बढ़ावा देने के लिए गलत S3 बकेट से जुड़ी वेबसाइट की स्थापना की और नए व्यापारी व्यवसायों, जैसे मैकेनिक, किसान, सेवा प्रदाता और ऐप पर स्टोर मालिकों को साइन अप किया। उजागर हुए डेटा जिसे पहली बार 23 अप्रैल को सुरक्षा शोधकर्ताओं द्वारा खोजा गया था की मात्रा वॉल्यूम 409GB थी।
रिपोर्ट में कहा गया है, "ठीक-ठीक कहना मुश्किल है, लेकिन S3 बकेट में छोटी अवधि (फरवरी 2019) से रिकॉर्ड दर्ज थे। हालांकि, इतने कम समय के भीतर, 70 लाख से अधिक रिकॉर्ड अपलोड और उजागर किए गए थे।
2016 में लॉन्च हुआ था BHIM ऐप
BHIM उपयोगकर्ता डेटा का उजागर होने से कोई भी हैकर बैंक के संपूर्ण डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच बना सकता है, साथ ही इसके लाखों उपयोगकर्ताओं की खाता जानकारी भी ले सकता है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) द्वारा पेश किया गया, ऐप BHIM या भारत इंटरफेस फॉर मनी 2016 में लॉन्च किया गया था।
18 राज्यसभा सीटों के लिए 19 जून को चुनाव, चुनाव आयोग ने किया ऐलान Image Source : TWITTER/ANI
नई दिल्ली. चुनाव आयोग ने विभिन्न राज्यों की 18 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है। चुनाव आयोग ने इसके लिए 19 जून का दिन निर्धारित किया है। आपको बता दें कि इन 18 राज्यसभा सीटों में आंध्र प्रदेश के 4 सीटें, गुजरात की 4 सीटें, मध्य प्रदेश की 3 सीटें, झारखंड की 2 सीटे, मणिपुर की एक सीट, मेघालय की एक सीट और राजस्थान की 3 सीटें शामिल हैं।
Election Commission of India announces the Date of Poll and Counting of Votes for deferred Rajya Sabha Poll.
लखनऊ. लखनऊ के आलमबाग बस अड्डे के मुख्य द्वार पर सोमवार को भाष्कर सिंह 'इलाहाबाद इलाहाबाद इलाहाबाद' की आवाज सुनकर काफी खुश हुये क्योंकि वह होली के बाद अपने ऑफिस के काम से पहली बार प्रयागराज जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में सोमवार सुबह से ही उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की प्रदेश के अंदर चलने वाली बस सेवायें शुरू हुई हैं। थर्मल स्कैनिंग के बाद भाष्कर बस में बैठे और उन्होंने एक राहत भरी सांस ली और बस अड्डे छोड़ने आये अपने भाई का हाथ हिलाकर अभिवादन किया।
बस में ड्राइवर और कंडक्टर हाथों में दस्ताने और मुंह पर मास्क लगाये हुये थे। परिवहन निगम ने सभी यात्रियों को भी मास्क पहनने के निर्देश दिये थे और सभी यात्री अपना मुंह ढके हुये भी थे। उप्र परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पी के बोस ने बताया कि ''सोमवार को प्रदेश की बस सेवायें फिर से शुरू हो गयीं और लखनऊ के आलमबाग बस अड्डे से 40 बसें प्रदेश के विभिन्न स्थानों के लिये निकली जिनमें प्रयागराज, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ शामिल हैं। प्रयागराज के लिये पहली बस सुबह साढ़े आठ बजे निकली।''
उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा जारी एक बयान में बताया गया कि लखनऊ के तीन बस अड्ंडो आलमबाग, कैसरबाग और चारबाग में बस सेवायें शुरू हो गयी हैं। चारबाग से कानपुर मार्ग की बसें, कैसरबाग से सीतापुर, लखीमपुर, गोला, हरदोई, बहराइच, गोंडा और बलरामपुर की बसें रवाना हुईं। बोस ने बताया कि आलमबाग बस अड्डे से प्रयागराज, रायबरेली, लालगंज, फतेहपुर, सुल्तानपुर, आगरा, मथुरा, झांसी, बांदा, हमीरपुर,प्रतापगढ़, गोरखपुर, आजमगढ़ और गाजियाबाद के लिए बसें चल रही हैं।
शहर के बाजारों में आज कुछ रौनक नजर आयी। शहर के मुख्य बाजारों, हजरतगंज, लालबाग, गुडंबा, हीवेट रोड, मॉडल हाउस, मकबूलगंज, इंदिरानगर आदि इलाकों में दुकानें खुली नजर आयी और दुकानदार अपनी दुकानें साफ करते नजर आये ताकि इतने दिनों से ठप्प पड़े रोजगार को एक बार फिर से पटरी पर लाया जा सके। लेकिन अभी भी बाजारों में भारी भीड़ देखने को नहीं मिली।
बांदा से प्राप्त खबर के मुताबिक सोमवार को बाजारों में दुकानें खुलने लगी और रोडवेज की बसों का संचालन शुरू हो गया। कोराना वायरस के कारण लॉकडाउन का चौथा चरण रविवार को समाप्त हो गया और अब जिंदगी धीरे धीरे पटरी पर लाने के प्रयास सरकार द्वारा शुरू कर दिये गये हैं। उधर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत सरकार के दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित कराते हुए अनलॉक व्यवस्था के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पूरी सावधानी और सर्तकता बरतते हुए सभी आर्थिक, व्यावसायिक एवं औद्योगिक गतिविधियों का संचालन कराया जाए। बाजारों में भीड़ एकत्र होने के दृष्टिगत उन्होंने सुरक्षा और गश्त की प्रभावी व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने हाई-वे, बाजारों तथा पार्कों में सघन गश्त करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी जगह एकदूसरे से दूरी बनाये रखने के नियम का पूर्ण पालन कराया जाए।
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अयोध्या: अयोध्या में संतों के एक समूह ने स्थानीय भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता को एक ज्ञापन देकर राम मंदिर के मौजूदा मॉडल में बदलाव करने की मांग की है। दिगंबर अखाड़ा के प्रमुख महंत सुरेश दास के नेतृत्व में संतों ने रविवार शाम को विधायक के साथ इस विषय पर चर्चा की। विधायक ने सोमवार को कहा, "संतों ने एक ज्ञापन दिया है, जिसमें मौजूदा डिजाइन के बजाय नए भव्य डिजाइन के अनुसार राम मंदिर का निर्माण कराने के लिए कहा है।" उन्होंने आगे कहा, "संतों ने मुझसे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को यह ज्ञापन भेजने का अनुरोध किया है, जो मैं भेज दूंगा।"
संतों ने यह भी मांग की है कि राम जन्मभूमि स्थल पर चल रहे मंदिर निर्माण कार्य के पहले उनसे सलाह ली जानी चाहिए। सूत्रों ने बताया कि रविवार को इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से मिलने के लिए संतों ने कार्यक्रम निर्धारित किया था, लेकिन विहिप नेता राजेंद्र सिंह 'पंकज' ने हस्तक्षेप किया और संतों को इस मुद्दे को दबाने के लिए मना लिया।
राम मंदिर के मौजूदा मॉडल को बदले जाने का मुद्दा उठाने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले रामविलास वेदांती को भी इसके बाद दरकिनार कर दिया गया। 1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन के दौरान मंदिर के विहिप मॉडल को मंजूरी दी गई थी। मॉडल को अयोध्या में कारसेवकपुरम में जनता के देखने के लिए रखा गया है। संत अब चाहते हैं कि मंदिर को 'फिर से प्रतिरूपित' किया जाए, यानी उसका नया मॉडल बनाया जाए, ताकि यह और भव्य और ऊंचा हो। वे चाहते हैं कि मंदिर भव्यता में अद्वितीय हो।
केंद्र सरकार द्वारा देशभर में निर्माण कार्य की अनुमति दिए जाने के बाद 11 मई को अयोध्या में राम जन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ। राम जन्मभूमि स्थल पर अभी जमीन के समतलीकरण का काम चल रहा है। राम मंदिर का वास्तविक निर्माण 'भूमिपूजन' के बाद शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित किया जाएगा। हालांकि, अभी तक आयोजन की कोई तारीख तय नहीं की गई है।
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