Saturday, May 30, 2020

बाज नहीं आ रहा पाकिस्तान, पुंछ में किया सीजफायर का उल्लंघन, मिला कड़ा जवाब

पाकिस्तान ने एक बार फिर LoC पर अशांति फैलाने की कोशिश करते हुए सीजफायर का उल्लंघन किया है। Image Source : PTI REPRESENTATIONAL

जम्मू: एक तरफ पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी से लड़ रही है, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान अपनी दुस्साहसिक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान ने एक बार फिर LoC पर अशांति फैलाने की कोशिश करते हुए सीजफायर का उल्लंघन किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने शनिवार को जम्मू कश्मीर के पुंछ में नियंत्रण रेखा पर अग्रिम इलाकों में भीषण गोलीबारी की। एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि सीमा पार से सुबह करीब दस बजे किरनी सेक्टर में छोटे हथियारों से गोलीबारी शुरू हुई जिसका भारतीय सेना ने कड़ा जवाब दिया।

‘बिना उकसावे के पाकिस्तान के किया सीजफायर का उल्लंघन’

प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तान ने बिना उकसावे के संघर्ष विराम का उल्लंघन किया और अंतिम रिपोर्ट मिलने तक दोनों तरफ से गोलीबारी जारी थी। उन्होंने बताया कि इससे भारत में किसी के हताहत होने की अभी कोई खबर नहीं है। बता दें कि पाकिस्तान साल की शुरुआत से कई बार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर चुका है, और कोरोना वायरस महामारी शुरू होने के बाद उसकी गुस्ताखियां और बढ़ गई हैं। हालांकि भारतीय सेना उसकी हर गुस्ताखी पर करारा जवाब दे रही है। पाकिस्तान की तरफ से सीजफायर का उल्लंघन कई बार आतंकवादियों को भारत में घुसाने की साजिश के तहत होता है।

‘कुलगाम में सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर’
वहीं, शनिवार को ही जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में 2 आतंकी ढेर हो गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभी आतंकियों की पहचान नहीं हो पाई है और इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के वानपुरा इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद इलाके की घेराबंदी की गई और तलाशी अभियान चलाया गया था। खुद को घिरता देख आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलियां चलाई जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई।



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बिहार: गोपालगंज हत्याकांड को लेकर एकमत नहीं हैं महागठबंधन के दल, मांझी ने उठाए सवाल

बिहार के गोपालगंज में हुए तिहरे हत्याकांड को लेकर अब विपक्षी महागठबंधन में ही सियासत शुरू हो गई है। Image Source : PTI FILE

पटना: बिहार के गोपालगंज में हुए तिहरे हत्याकांड को लेकर अब विपक्षी महागठबंधन में ही सियासत शुरू हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल जहां एक तरफ गोपालगंज हत्याकांड के आरोपी जनता दल युनाइटेड के विधायक की गिरफ्तारी को लेकर सड़कों पर उतरने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा RJD द्वारा इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाए जाने पर सवाल उठा रही है। इधर, महागठबंधन की एक और पार्टी कांग्रेस भी गोपालगंज हत्याकांड को लेकर सरकार पर निशाना साध रही है।

तेजस्वी को नहीं मिली गोपालगंज जाने की इजाजत

विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पूर्व घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, शुक्रवार को RJD के विधायकों के साथ गोपालगंज रवाना होने के लिए निकले, लेकिन प्रशासन ने उन्हें इजाजत नहीं दी। करीब चार घंटे पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास के सामने हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद तेजस्वी ने विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी से मुलाकात की और अपराध की बढ़ती घटनाओं को लेकर विशेष सत्र बुलाने की मांग की। तेजस्वी ने कहा, ‘सरकार ने जितनी पुलिस RJD के विधायकों को गोपालगंज जाने से रोकने के लिए लगाई, उतनी अगर अपने आरोपी विधायक की गिरफ्तारी के लिए लगाती तो विधायक गिरफ्तार हो जाते।’

मांझी ने तेजस्वी के फैसले पर उठाया सवाल
महागठबंधन में शामिल 'HAM' के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने तेजस्वी के फैसले पर ही सवाल उठा दिया। मांझी ने तेजस्वी के द्वारा एक घटना को मुद्दा बनाए जाने पर कहा कि एक घटना को नहीं, बल्कि कई घटनाओं को मुद्दा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सच है कि राज्य में अपराधिक घटनाओं में वृद्धि हुई है, लेकिन केवल एक ही घटना को मुद्दा बनाना सही नहीं है। गोपालगंज कांड को जातीय मामला बनाने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘हम जातिवाद की बात नहीं कर रहे हैं। हम एक घटना की नहीं, सभी घटनाओं को मुद्दा बनाने की बात कर रहे हैं।’

कांग्रेस ने सीएम नीतिश कुमार पर साधा निशाना
इधर, कांग्रेस ने भी गोपालगंज हत्याकांड के आरोपी विधायक अमरेंद्र पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की बात कर रही है। युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ललन कुमार ने हत्याकांड के सूत्रधार जदयू के बाहुबली विधायक पप्पू पांडेय की विधानसभा सदस्यता सामाप्त करने व तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। ललन ने कहा, ‘नीतीश कुमार सुशासन का नाम नहीं लेते अघाते, लेकिन उनकी पार्टी में एक से बढ़कर एक बाहुबली व सामंती-अपराधी भरे पड़े हुए हैं, लॉकडाउन की आड़ में इन अपराधियों का मनोबल और भी सिर चढ़कर बोल रहा है।’

वंचित समाज पार्टी ने की सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग
कांग्रेस नेता ने कहा कि सामंती-अपराधी पांडेय गिरोह ने पूरे गोपालगंज में आतंक मचा रखा है। ललन ने आरोप लगाया कि 2 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी डीआईजी का हस्तक्षेप करना यह साबित करता है कि गोपालगंज जिले में अपराधी और पुलिस के बीच जबरदस्त गठजोड़ है, जिसके कारण अपराध पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-जदयू में ऐसे कई कई आरोपी नेता विधायक हैं। वंचित समाज पार्टी के अध्यक्ष रतन मंडल ने भी गोपालगंज हत्याकांड को लेकर नीतीश कुमार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है।

आरोपी विधायक अब तक पुलिस की पकड़ से दूर
उल्लेखनीय है कि गोपालगंज के हथुआ थाना क्षेत्र में रविवार की रात अपराधियों ने जेपी चौधरी के घर पर गोलीबारी कर उनके माता, पिता और भाई की हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी विधायक पप्पू पांडेय के बड़े भाई सतीश पांडेय व उनके पुत्र मुकेश पांडेय को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन आरोपी विधायक अब तक पुलिस की पकड़ से दूर हैं।



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Friday, May 29, 2020

दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, जानिए अब दिल्ली में कितने COVID-19 अस्पताल

Delhi government declared GTB hospital as Covid hospital । File Photo Image Source : PTI

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए शनिवार को जीटीबी अस्पताल को कोविड अस्पताल घोषित कर दिया, इस अस्पताल में कोरोना वायरस के पुष्ट और संदिग्ध मरीज़ों को भर्ती करने के लिए 500 बेड हैं। ये राजधानी में पांचवा ऐसा अस्पताल है जिसे कोविड अस्पताल घोषित किया गया है। 

जानिए दिल्ली में कितने कोविड-19 अस्पताल 

बता दें कि, राजधानी दिल्‍ली में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने बीते शुक्रवार को दीपचंद बंधु अस्पताल (200 बेड) और सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल (200 बेड) को कोरोना अस्पताल घोषित किया था। इन अस्पतालों के मेडिकल सुपरिटेंडेंट को आदेश दिया गया है कि 2 जून तक इन अस्पतालों को कोरोना अस्पताल में बदल दें। फिलहाल इन अस्पतालों में जो मरीज एडमिट हैं, उनको दिल्ली सरकार के दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया जा सकता है या अगर जरूरत है तो स्पेशलाइज इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में भी भर्ती कराया जा सकता है जिसका सारा खर्चा दिल्ली सरकार वहन करेगी।

Delhi COVID19 Hospital list

Delhi COVID19 Hospital list

दिल्ली में एक सप्ताह में 5 हजार केस

लॉकडाउन में छूट के बाद से लगातार दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। दिल्ली में लगातार दो दिनों से कोरोना संक्रमण के रिकॉर्ड मामले सामने आने के बाद दिल्ली सरकार की चिंता बढ़ गई है। दोनों दिन एक हजार से अधिक कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए हैं। बता दें कि, दिल्ली में एक हफ्ते के अंदर पांच हजार से अधिक मामले सामने आए हैं। दिल्ली में बीते गुरुवार (28 मई) को 1024 नए और शुक्रवार (29 मई) को एक ही दिन में रिकॉर्ड 1106 मामले सामने आए जिसके बाद से कोरोना को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या शनिवार सुबह 17386 पहुंच गई। इसमें से 9142 सक्रिय मरीज हैं और 7846 लोग ठीक हुए। मरने वालों की संख्या 398 पहुंच चुकी 

कंटेनमेंट जोन 102 हुए

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के साथ ही दिल्ली में कोरोना कंटेनमेंट जोन की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अब दिल्ली में कोरोना कंटेनमेंट जोन की संख्या 100 के पार हो गई है। दिल्ली में अब कुल 102 इलाके कंटेनमेंट जोन की लिस्ट में शामिल हैं। बता दें कि सबसे ज्यादा कंटेनमेंट जोन नार्थ जिले में हैं। अभी नार्थ जिले में 21 कंटेनमेंट जोन है, जबकि वेस्ट जिले में सबसे कम 3 कंटेनमेंट जोन हैं। सेंट्रल जोन में 10 कंटेनमेंट जोन थे, जिनमें से 3 को खोल दिया गया है। अब यहां 7 कंटेनमेंट जोन बाकी रह गए हैं।



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'Coronavirus पर काबू पाने के लिए स्वीडन मॉडल अपना रही बंगाल की ममता सरकार'

West Bengal shifting to Sweden model to contain coronavirus: Expert Image Source : PTI

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा राज्य में लॉकडाउन संबंधी पाबंदियों में ढील देने की घोषणा के बीच एक जानेमाने चिकित्सक ने कहा है कि कोरोना वायरस की जांच बढ़ाने के साथ ऐसा लगता है कि राज्य सरकार वैश्विक महामारी पर नियंत्रण पाने के लिए धीरे-धीरे स्वीडन या ताईवान का मॉडल अपना रही है। सरकारी एसएसकेएम अस्पताल के डॉ. दीप्तेंद्र सरकार ने कहा कि लगभग 70 दिन से देशभर में लॉकडाउन है और केंद्र तथा राज्य दोनों ही सरकारों ने इस महामारी से निपटने के लिए अपने संसाधन जुटा लिए हैं। अब समय आ गया है कि पाबंदियों में धीरे-धीरे ढील दी जाए।

उन्होंने कहा,‘‘मुझे गलता है कि वे दूसरे मॉडल को अपना रहे हैं। अभी तक वे पूरी ताकत से जिस मॉडल को अपना रहे थे वह लॉकडाउन का है।’’ चीन के वुहान में 72 दिन के लॉकडाउन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 60 से 70 दिन का लॉकडाउन संक्रमण के मामले कम करता है। सरकार ने कहा, ‘‘स्वीडन मॉडल में या ताईवान अथवा दक्षिण कोरिया में उन्होंने लॉकडाउन के बजाय जांच बढ़ाने और उच्च जोखिम वाली आबादी को अलग करने पर जोर दिया जिसमें उन्हें उतनी ही सफलता मिली।’’

उन्होंने कहा कि सरकार ने शुरुआत में जांच सुविधाएं नहीं होने की वजह से कड़ा लॉकडाउन लगाया था, लेकिन अब देशभर में प्रतिदिन करीब एक लाख नमूनों की जांच क्षमता के साथ सरकार लॉकडाउन मॉडल से स्वीडन या दक्षिण कोरिया अथवा ताईवान के मॉडल की ओर जा रही है। डॉ. सरकार ने कहा कि इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन के एक अध्ययन के अनुसार अगर 60 प्रतिशत आबादी साधारण मास्क पहने तो संक्रमण को 90 प्रतिशत तक फैलने से रोका जा सकता है।

एसोसिएशन ऑफ हेल्थ सर्विस डॉक्टर्स के सचिव डॉ. मानस गुमटा ने इस बात पर तो सहमति जताई कि किसी समय तो लॉकडाउन हटाया जाना चाहिए, लेकिन राज्य में बंद में दी जा रही ढील के तरीके पर उन्होंने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन हटाने का वैज्ञानिक आधार होना चाहिए। गुमटा ने चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन हटाये जाने की जरूरत बताते हुए कहा, ‘‘लॉकडाउन सामान्यतया स्वास्थ्य संबंधी ढांचे को तैयार करने के लिहाज से समय निकालने के लिए था ताकि महामारी से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह से लॉकडाउन बिना किसी तैयारी के हटाया जा रहा है, इसके परिणाम भयावह हो सकते हैं।’’ गुमटा ने कहा कि सरकार को राजस्व की जरूरत है और लोगों को भी आजीविका चाहिए और इसलिए लॉकडाउन धीरे-धीरे हटाना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इस समय धार्मिक स्थलों को खोलने का क्या उद्देश्य है, जहां लोग बड़ी संख्या में जमा हो सकते हैं।’’

उन्होंने कहा कि घर से काम करने का चलन अनेक सेक्टरों में सामान्य होता जा रहा है और इसलिए सभी क्षेत्रों में समस्त कर्मचारियों को काम पर बुलाने की जरूरत नहीं है। गुमटा ने कहा कि सरकार को दफ्तरों में पाली व्यवस्था शुरू करने पर भी विचार करना चाहिए ताकि कार्यस्थलों और सार्वजनिक परिवहन के साधनों में एक समय पर कम लोग रहें।



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अमेरिकी कंपनी ने भारतीय बाजार में रेमडेसिविर की बिक्री के लिए अनुमति मांगी

US pharma giant seeks marketing authorisation from India for remdesivir  Image Source : INDIA TV

नयी दिल्ली। अमेरिकी दवा कंपनी गिलीड साइंसेज ने अपनी वायरल रोधी दवा रेमडेसिविर को भारतीय बाजार में बेचने की अनुमति के लिए भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) को आवेदन दिया है। इस दवा को कोविड-19 के उपचार में अहम बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार दवा का पेटेंट रखने वाली इस कंपनी ने रेमडेसिविर के लिए क्लीनिकल-पूर्व और क्लीनिकल अध्ययन के बारे में डेटा पूरा कर लिया है। 

एक सूत्र ने कहा, 'कंपनी ने वायरल रोधी दवा रेमडेसिविर को भारतीय बाजार में बेचने की अनुमति के लिए भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) को आवेदन दिया है। सीडीएससीओ विशेषज्ञ समिति की मदद से आवेदन का अध्ययन करेगा। वह विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर अंतिम निर्णय लेगा।' 

अमेरिकी खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) ने अस्पतालों में भर्ती कोविड-19 के मरीजों के इलाज के लिए इस दवा को आपातकाल में उपयोग के लिए स्वीकृति प्रदान की है। सूत्रों ने बताया कि जापान के स्वास्थ्य, श्रम और कल्याण मंत्रालय ने अमेरिका के क्लीनिकल डेटा के आधार पर सात मई को विशेष परिस्थितियों के तहत इस दवा को नियामक मंजूरी दी थी। एक सूत्र ने कहा कि यूएसएफडीए या अन्य किसी प्रतिष्ठित नियामक की मंजूरियों के आधार पर भारतीय नियामक दवा को नए औषधि और क्लीनिकल परीक्षण नियम, 2019 के प्रावधानों के अनुरूप विशेष परिस्थितियों में क्लीनिकल ट्रायल से छूट देने के साथ स्वीकृति प्रदान कर सकता है। 

अमेरिकी कंपनी ने आवेदन ऐसे समय में किया है जब दो भारतीय कंपनियों- सिप्ला और हीटीरो लैब्स ने भारत में रेमडेसिविर के उत्पादन और बिक्री की अनुमति के लिए दवा नियामक के पास आवेदन किया है। एक अधिकारी ने बताया कि इन कंपनियों ने रेमडेसिविर के लिए क्लीनिकल ट्रायल से छूट की मांग की है ताकि रोगियों के लिए तेजी से दवा उपलब्ध कराई जा सके। अधिकारी के अनुसार उनके आवेदन अभी विचाराधीन हैं। गिलीड साइंसेज इंक ने रेमडेसिविर के उत्पादन और वितरण के लिए तीन बड़ी घरेलू कंपनियों- सिप्ला, जुबिलैंट लाइफ साइंसेज और हीटीरो समेत कुछ अन्य कंपनियों के साथ लाइसेंसिंग समझौता किया है।



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Rajasthan coronavirus Update: राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण से एक और मौत, 49 नये मामले

Rajasthan coronavirus cases death toll latest update news till 30 May । File Photo Image Source : AP

जयपुर। राजस्थान में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण से एक और मौत हो गई जिससे राज्य में इससे मरने वालों की संख्या 185 हो गई है। वहीं संक्रमण के 49 नये मामले सामने आए हैं और राज्य में इस घातक वायरस से संक्रमितों की कुल संख्या 8,414 पर पहुंच गई है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में कोरोना संक्रमण से शनिवार को जयपुर में एक और मौत हुई है। इससे राज्य में मृतकों की कुल संख्या 185 हो गई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 30 मई (शनिवार) सुबह 8 बजे तक राजस्थान में कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या 8365 पहुंच गई है। इसमें 2937 एक्टिव केस और 5244 ठीक हुए लोग शामिल है। जबकि कोरोना से 184 लोगों की अबतक मौत हो चुकी है।

केवल जयपुर में कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा 89 हो गया है जबकि जोधपुर में 17 और कोटा में 16 रोगियों की मौत हो चुकी है। अन्य राज्यों के आठ रोगियों की भी यहां मौत हुई है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर मामलों में रोगी किसी न किसी अन्य गंभीर बीमारी से भी पीड़ित थे।

वहीं शनिवार सुबह साढ़े 10 बजे तक राज्य में संक्रमण के 49 नये मामले सामने आए। इनमें कोटा, चुरू और उदयपुर में आठ-आठ, बाड़मेर में चार, भीलवाड़ा, धौलपुर, झालावाड़ और करौली में तीन- तीन, जयपुर, झुंझुनू और भरतपुर में दो-दो नये मामले शामिल हैं। राज्य में अब तक 8,414 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है।

राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों में दो इतालवी नागरिकों के साथ साथ 61 वे लोग भी हैं जिन्हें ईरान से लाकर जोधपुर और जैसलमेर में सेना के आरोग्य केंद्रों में ठहराया गया था। राज्यभर में 22 मार्च से लॉकडाउन है और अनेक थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा हुआ है। 



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अब अमेरिका में नहीं घुस पाएंगे PLA से जुड़े चीनी छात्र, ट्रंप ने लगाया बैन

Donald Trump bans entry of certain groups of Chinese students to US. Image Source : AP FILE

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से संबंध रखने वाले चीन के छात्रों और रिसर्चर्स के देश में प्रवेश पर रोक लगाने की घोषणा की है। उन्होंने अमेरिका से बौद्धिक संपदा और प्रौद्योगिकी हासिल करने के लिए स्नातक छात्रों का इस्तेमाल करने की चीन की कोशिशों को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया है। व्यापार, कोरोना वायरस की उत्पत्ति, हांगकांग में बीजिंग की कार्रवाई और विवादित दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रामक सैन्य गतिविधियों को लेकर अमेरिका और चीन में बढ़ती तनातनी के बीच ट्रंप ने यह घोषणा की है।

इस बारे में शुक्रवार को घोषणा करते हुए ट्रंप ने कहा कि चीन ने अपनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के आधुनिकीकरण के लिए संवदेनशील अमेरिकी प्रौद्योगिकियों और बौद्धिक संपदा को हासिल करने के लिए व्यापक अभियान चलाया हुआ है। उन्होंने कहा कि चीन की यह गतिविधि अमेरिका की दीर्घकालीन आर्थिक शक्ति और अमेरिकी लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा है। माना जा रहा है कि ट्रंप के इस कदम से पहले से ही खराब चल रहे अमेरिका और चीन के संबंध अब और खराब होंगे। आने वाले दिनों में दोनों के बीच जबानी जंग और तेज हो सकती है।

ट्रंप ने आरोप लगाया कि चीन अपने कुछ छात्रों ज्यादातर परास्नातक और शोधकर्ताओं का इस्तेमाल बौद्धिक संपदा को एकत्रित करने के लिए करता है इसलिए PLA से जुड़े चीनी छात्रों या शोधकर्ताओं के चीनी अधिकारियों के हाथों इस्तेमाल होने का अधिक जोखिम है और यह चिंता का सबब है। उन्होंने कहा, ‘इसे देखते हुए मैंने फैसला किया कि अमेरिका में पढ़ाई या शोध करने के लिए ‘एफ’ या ‘जे’ वीजा मांगने वाले कुछ चीनी नागरिकों का प्रवेश अमेरिका के हितों के लिए खतरनाक होगा।’ चीन ने अमेरिका में उसके छात्रों पर प्रतिबंध लगाने की ट्रंप की धमकी को शुक्रवार को नस्लवादी बताया था। (भाषा)



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राहत: देश में कोरोना का रिकवरी रेट 4 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा, तेजी से ठीक हो रहे कोरोना मरीज

india coronavirus recovered rate jump to above 47 percent as more than 11000 recoverwd in 24 hrs  Image Source : PTI

नई दिल्ली। जहां एक ओर देश में कोरोना वायरस के आज एक दिन में रिकॉर्ड 7,964‬ नए मामले दर्ज किए गए वहीं दूसरी ओर एक राहत की खबर है। देश में कोरोना वायरस संक्रमण का रिकवरी रेट 4 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 47.40 प्रतिशत पर पहुंच गया है। यानी पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 11264 लोगों ने कोरोना को मात देकर नया रिकॉर्ड बनाया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, फिलहाल देश में 86,422 रोगियों का उपचार किया जा रहा है, जबकि 82370 लोग इस बीमारी से उबर चुके हैं। 

हालांकि, देश में कोरोना वायरस के कारण मौत का आंकड़ा 5 हजार के पास पहुंच गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश में कोरोना डेथ रेट की बात करें तो ये 2.86 प्रतिशत है। देश में कोरोना से अब तक 4971 लोगों की मौत हो चुकी है। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक भारत महामारी से सर्वाधिक प्रभावित दुनियाभर के देशों की सूची में 9वें स्थान पर पहुंच गया है। 

महाराष्ट्र और दिल्ली में बढ़ी चिंता

स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर 62,228 तक पहुंच गए हैं। जिसमें अबतक कुल मौत का आंकड़ा 2098 शामिल है। राज्य में 33,133 एक्टिव केस हैं, वहीं 26,997 लोग ठीक हो चुके हैं। देश में महाराष्ट्र के बाद कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य तमिलनाडु में कोरोना के कुल मामले 20246 पहुंच गए हैं। जिसमें 8779 एक्टिव केस, 11313 ठीक हुए कोरोना मरीज और 154 लोगों की मौत शामिल है। वहीं देश में तीसरे नंबर पर दिल्ली है जहां कोरोना वायरस के अब तक 17,386 मामले सामने आ चुके हैं। यहां मौत का आंकड़ा 398 हो गया है। दिल्ली में फिलहाल 9,142 एक्टिव केस हैं, वहीं 7,846 लोग ठीक हो चुके हैं। 

आज जारी हो सकती है लॉकडाउन 5.0 के लिए नई गाइडलाइन

बता दें कि, देश में 31 मई को लॉकडाउन का चौथा चरण समाप्त हो रहा है और 1 जून से लॉकडाउन का 5वां चरण शुरू हो सकता है। माना जा रहा है कि लॉकडाउन एक बार फिर से दो हफ्ते के लिए बढ़ाया जाएगा। संभव है कि 15 जून तक राज्‍यों की भूमिका को बढ़ाते हुए लॉकडाउन 5.0 को लेकर आज नई गाइडलाइन जारी हो सकती है।

देश में कोरोना मामलों की कुल संख्या 1,73,763 पहुंची

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी ताजा अपडेट के मुताबिक, 30 मई (शनिवार) सुबह 8 बजे तक देश में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 1,73,763 पहुंच गई है। अभी तक कोरोना वायरस से देश में 4971 लोगों की मौत हुई है जबकि कोरोना से 82370 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। देश में कोरोना वायरस के सक्रिय मामले 86,422 हैं। बीते 24 घंटे में कोविड-19 के 7,964‬ नए मामले सामने आए हैं जबकि 265‬ लोगों की मौत हुई है।



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Coronavirus Testing in India: भारत में स्पेन से ज्यादा टेस्ट, 24 घंटे में 1.27 लाख से ज्यादा लोगों की टेस्टिंग

Coronavirus testing in India till May 30th Image Source : AP (FILE)

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस की टेस्टिंग में जोरदार बढ़ोतरी हुई है और शायद यही वजह है कि रोजाना नए कोरोना वायरस मामलों में भारी इजाफा हो रहा है। दुनियाभर में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा टेस्ट करने वाले देशों में भारत छठे स्थान पर पहुंच गया है। भारत में स्पेन से ज्यादा कोरोना टेस्ट हो चुके हैं और पिछले 24 घंटे के दौरान देश में 1.27 लाख से ज्यादा कोरोना वायरस टेस्ट हुए हैं। देश में अबतक कुल 36.11 लाख लोगों के कोरोना टेस्ट  हो चुके हैं जिनमें 173763 मामले पॉजिटिव पाए गए हैं और इनमें अबतक 82370 लोग ठीक हो चुके हैं।

कोरोना वायरस टेस्टिंग के मामले में अमेरिका और रूस सबसे आगे हैं, अमेरिका में अबतक 1.68 करोड़ से ज्यादा लोगों के टेस्ट हो चुके हैं जबकि रूस में भी यह आंकड़ा 1 करोड़ को पार कर चुका है। इनके अलावा ब्रिटेन में 40 लाख से ज्यादा, इटली में 37 लाख से ज्यादा और जर्मनी में 39 लाख से ज्यादा लोगों के कोरोना टेस्ट हुए हैं। इस लिस्ट में भारत ने इटली को पीछे किया है और छठे स्थान पर पहुंचा है।

देश में बढ़ते कोरोना वायरस टेस्ट की वजह से नए कोरोना मामले तेजी से सामने आए हैं। देश में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस के 7964 नए मामले भी आए हैं जिसकी वजह से देश में कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 173763 हो गई है। इतना ही नहीं देश में कोरोना वायरस की वजह से पिछले 24 घंटे के दौरान 265 लोगों की जान भी गई है और यह एक दिन में सबसे अधिक मौते हैं। कोरोना वायरस की वजह से देश में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या अब बढ़कर 4971 हो गई है। हालांकि भारत में कोरोना वायरस का डेथ रेट अभी भी 3 प्रतिशत से नीचे बना हुआ है।



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दक्षिण कोरिया में सामने आए Coronavirus के 39 नए मामले, अब तक 269 मरीजों की मौत

South Korea reports 39 new coronavirus cases Image Source : AP

सियोल: दक्षिण कोरिया में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 39 नए मामले सामने आए। इनमें से अधिकतर मामले घनी आबादी वाले उस इलाके में सामने आए हैं, जहां गोदाम में काम करने वाले कई कर्मी संक्रमित पाए गए थे। दक्षिण कोरिया रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (केसीडीसी) के अनुसार देश में संक्रमण के अब तक 11,441 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 269 लोगों की मौत हो गई है।

शनिवार को संक्रमित पाए गए लोगों में से कम से कम 12 लोग विदेश से आए हैं। केसीडीसी निदेशक जियोंग इयुन कियोंग ने शुक्रवार को बताया कि संक्रमण के कम से कम 102 मामले ई-कॉमर्स कंपनी कूपांग द्वारा संचालित एक बड़े गोदाम के कर्मियों से जुड़े हैं।

संक्रमण को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाने और कर्मियों के बीच दूरी सुनिश्चित करने में नाकाम करने के कारण कंपनी की आलोचना हो रही है। कंपनी के हेलमेट, लैपटॉप, कीबोर्ड और उन अन्य उपकरणों पर वायरस पाए हैं जिन्हें सभी कर्मी साझा रूप से इस्तेमाल करते हैं।

इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार संक्रमण के 266 मामले सियोल के नाइटक्लबों और मनोरंजन के अन्य परिसरों से जुड़े हैं, जहां मई में सामाजिक दूरी दिशा-निर्देशों में ढील दिए जाने के बाद भारी भीड़ देखी गई थी। दक्षिण कोरिया में स्कूल खोल दिए गए हैं। ऐसे में संक्रमण के मामले बढ़ना अधिकारियों के लिए और चिंता की बात बन गया है।



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